Ayatul Kursi in Hindi, English , Arabic 2023

Ayatul Kursi in Hindi: अस्स्लामोअलैकुम, दोस्तों, आयतुल कुर्सी हिंदी में क़ुरआन-पाक की बहुत ही अजीमोशान आयत-ए-मुबारिका है। जिसमें अल्लाह तआला का मौजूद होना, ज़िंदा होना, सुनना और देखने वाला होना, वा हमेशा बाकी रहने को बयान किया गया हैं।

अल्लाह ने हमको ये तौफीक दी हैं कि हम आपको Ayatul Kursi in Hindi और इसकी फज़ीलत के बारे में आप लोगो को बताये ताकि आप आयतल कुर्सी सीखा पाये जिसे एक चैथाई कुरान कहा जाता है।

साथ-ही-साथ आयतुल कुर्सी के लिए यह भी कहा जाता है की जो इंसान फज्र की नमाज़ के बाद आयतुल कुर्सी पढ़ता है, तो उसके लिए जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते है। अल्लाह तआला उसको हर नियामत से नवाजता है। 

आयतुल कुर्सी हिंदी में सीखने का आसान तरीका आज हम इस पोस्ट के जरिए बताएंगे। इसके साथ आयतुल कुर्सी क्या होता है ? आयतुल कुर्सी का फजीलत क्या है? इन सभी विषय की जानकारी इस पोस्ट में मिलेंगे।

Table of Contents

आयतुल कुर्सी हिंदी में | Ayatul Kursi In Hindi

बिसमिल्लाहिर रहमानिर रहीम
अल्लाहु ला इलाहा इल्लाहू अल हय्युल क़य्यूम
ला तअ’खुज़ुहू सिनतुव वला नौम
लहू मा फिस सामावाति वमा फ़िल अर्ज़
मन ज़ल लज़ी यश फ़ऊ इन्दहू इल्ला बि इज़निह
यअलमु मा बैना अयदीहिम वमा खल्फहुम
वला युहीतूना बिशय इम मिन इल्मिही इल्ला बिमा शा..अ
वसिअ कुरसिय्यु हुस समावति वल अर्ज़
वला यऊ दुहू हिफ्ज़ुहुमा वहुवल अलिय्युल अज़ीम

आयतुल कुर्सी हिंदी में तर्जुमे के साथ

अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं। वह हमेशा ज़िंदा रहने वाला है ,जिसको मौत नहीं आती। न उसको नींद आती है।

आसमान और ज़मीनो पर जो कुछ भी है सब उसी का है। कौन है जो उसके बगैर उसकी शिफारिश कर सके। वह सबके तमाम हालात को जनता है।

इंसान और तमाम मखलूक अल्लाह के इलम का निहाता नहीं लगा सकते सिवाय उसके जिसका इल्म अल्लाह खुद देना चाहे। उसकी हुकूमत की कुर्सी आसमान और ज़मीन को घेरे हुए है। ज़मीन और आसमान की हिफाज़त करना अल्लाह के सामने एक छोटी से चीज़ है ये सब अल्लाह एक बोझ नहीं। वह बहुत ही ऊंचा और अज़ीम शान वाला है।

Ayatul Kursi In English

Allahu laaa ilaaha illaa huwal haiyul qai-yoom; laa taakhuzuhoo sinatunw wa laa nawm; lahoo maa fissamaawaati wa maa fil arz; man zallazee yashfa’u ‘indahooo illaa be iznih; ya’lamu maa baina aideehim wa maa khalfahum; wa laa yuheetoona beshai immin ‘ilmihee illa bi maa shaaa’; wasi’a kursi yuhus samaa waati wal arz; wa la ya’ooduho hifzuhumaa; wa huwal ‘aliyyul ‘azeem.

Ayatul Kursi In English तर्जुमे के साथ

There is no one worthy of worship except Allah. He is always alive, he does not die. He neither sleeps nor sleeps.

Whatever is there in the sky and on the earth belongs to him. Who is there without him who can recommend him? He knows all the front and back situations of everyone. Human beings and all eyes cannot look at the knowledge of Allah except those whose knowledge Allah Himself wants to give. The seat of his rulership surrounds the heavens and the earth. Protecting the earth and the sky is a small thing before Allah, all this is not a burden. He is very tall and of immense glory.

आयतुल कुर्सी अरबी में

اللَّهُ لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ لَا تَأْخُذُهُ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ مَنْ ذَا الَّذِي يَشْفَعُ عِنْدَهُ إِلَّا بِإِذْنِهِ يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ وَلَا يُحِيطُونَ بِشَيْءٍ مِنْ عِلْمِهِ إِلَّا بِمَا شَاءَ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ وَلَا يَئُودُهُ حِفْظُهُمَا وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ

आयतुल कुर्सी अरबी में तर्जुमे के साथ

اللہ کے سوا کوئی عبادت کے لائق نہیں۔ وہ ہمیشہ زندہ ہے جو نہیں مرتا۔ وہ نہ سوتا ہے نہ سوتا ہے۔

جو کچھ آسمان اور زمین میں ہے سب اسی کا ہے۔ اس کے بغیر کون ہے جو اس کی سفارش کرے۔ وہ سب کے سامنے اور پیچھے کے حالات سے واقف ہے۔ انسان اور تمام آنکھیں اللہ کے علم کو نہیں دیکھ سکتیں سوائے ان کے جن کو اللہ خود دینا چاہتا ہے۔ اس کی حکومت کا تختہ آسمانوں اور زمین کو گھیرے ہوئے ہے۔ زمین و آسمان کی حفاظت اللہ کے نزدیک چھوٹی چیز ہے، یہ سب کچھ بوجھ نہیں ہے۔ وہ بہت لمبا اور بڑا شان 

والا ہے۔

Ayatul Kursi पढ़ने के फायदे

  • आयतुल कुर्सी पढ़ने वाला जिन्नात के बुरे असर से बचे रहते हैं और हमेशा अल्लाह की हिफाज़त में रहता है।
  • जो कोई भी सुबह अयातुल कुर्सी और सूरह गाफिर की तिलावत करके अपने दिन की शुरुआत करता है, तो वो सुबह से लेकर शाम तक मेहफ़ूज़ रहता है।
  • जो शख्स घर में दाखिल होते वक़्त आयतुल कुर्सी पढ़ता है, तो उसके घर में दाखिल होते ही शैतान वहां से भाग जाता है।
  • हर रात को सोते वक़्त की दुआ और आयतल कुर्सी पढ़ने से अल्लाह तआला आपकी हिफाज़त के लिए रात भर एक फरिश्ता मुक़र्रर कर देते हैं।
  • अयातुल कुर्सी को पढ़ने से घर मे बरक्कत होती है, और सेहत अच्छी रहती है।
  • अगर घर मे आयतल कुर्सी लिखी हो तो अल्लाह उस घर को महफूज रखते है।
  • पैगंबर मुहम्मद ﷺ सलल्लाहो अलैहि वसल्लम  ने फरमाया है जो शख्स फर्ज नमाज के बाद आयतुल कुर्सी पड़ेगा उसे जन्नत जाने की कोई रोक नहीं पाएगा और वो इंसान दुनिया की बुराइयों से दूर रहता है, और अल्लाह उसे बुरे कामो को करने से बचाते है और उसको नेकियों को करने की राह में बढ़ाते हैं।
  • जिस घर मे कोई शख्स अगर आयतुल कुर्सी को पड़ता है तो पढ़ने वाले को और उस घर मे रहने वालों को अल्लाह अपनी हिफाज़त मे रखते है।
  • अयातुल कुर्सी जिस घर मे पढ़ी जाती है उस घर से शैतान और बुरी चीज़े उस घर को छोड़ देती है और अल्लाह के भेजे हुए फरिश्ते रहते हैं।
  • जिसे भी अगर अपने घर या फिर काही और तनहाई मे डर लग रहा हो तो उसे आयतुल कुर्सी पढ़नी चाहिए, अल्लाह-त-लाह उस बंदे के खौफ को दूर कर देंगे और उसे सुकून आता फरमाएंगे।
  • दोस्तों अगर आप सुबह के वक्त आयतुल कुर्सी कि तिवालत करते है तो अल्लाह-त-लाह आपको पूरे दिन अपनी हिफाज़त में रखते है और आपको पूरे दिन अच्छे कामों मे व्यस्त रखते है।
  • अगर आप घर से निकलते वक्त अयातुल कुर्सी को पढ़ते है तो अल्लाह-त-लाह आपकी हिफाज़त के लिए अपने फरिश्तों कि जमात को आपके साथ भेजते है।
  • जो इंसान हर रोज़ अयातुल कुर्सी कि तिवालत करता है, अल्लाह उसकी मौत के वक्त उसे आसानी अता फरमाते है।
  • जब कोई इंसान अपने मरहूम के लिए आयतुल कुर्सी की तिवालत करता है, तो अल्लाह उसके मरहूमो तक नूर अता फ़रमाते हैं।
  • दोस्तों आपको बता दूँ कि अयातुल कुर्सी को सबसे ज्यादा अज़मत वाली आयत बताया गया है।

FAQ’s (सवाल-जवाब)

Q.01 अयातुल कुर्सी दुआ है या सूरह है?

Ans. अयातुल कुरसी सूरह अल-बकराह की आयत है और कुरान मजीद कि सबसे बड़ा सूरह सूरह अल-बकराह है। इसके अलावा, सूरह अल-बकराह की आयत नंबर 255 आयत-अल-कुरसी है।

Q.02 आयतुल कुर्सी कौन से पारे मे है?

Ans. दोस्तों आपको आयतुल कुर्सी तीसरे पारे में सुरह बकरा की 255 आयात मे मिल जाएगा।

Q.03 आयतुल कुर्सी पढ़ने से क्या होता है?

Ans. दोस्तों इसे पढ़ने के कई सारे फायदे है जैसे कि – Ayatul Kursi जिस घर मे पढ़ी जाती है उस घर से शैतान और बुरी चीज़े उस घर को छोड़ देती है और अल्लाह के भेजे हुए फरिश्ते रहते हैं, अयातुल कुर्सी को पढ़ने से आप शैतान से महफूज रहेंगे।

उम्मीद करते है दोस्तों आप आयतुल कुर्सी पढने से मिलने वाली रहमत से आप वाकिफ हो गये होंगे और आज से ही आप आयतुल कुर्सी पढना शुरू करने वाले होंगे, अल्लाह आपको सारी खुशियों से नवाजे आमीन।

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